रविवार, 28 अगस्त 2016

कश्मीर में कर्फ्यू के 50 दिन: 15 लाख लोग घरों में कैद, मस्जिदों में खुले कर्फ्यू स्कूल;

श्रीनगर. कश्मीर में शनिवार को कर्फ्यू के 50 दिन हो गए। देश ही नहीं, शायद दुनिया के किसी हिस्से में लगा सबसे लंबा कर्फ्यू। श्रीनगर में 15 लाख लोग 8 जुलाई से कर्फ्यू और कंटेंजिना तारों के कब्जे में हैं। स्कूल-कॉलेज बंद हैं। दुकानें, कारोबार ठप हो चुका है। नौकरी करने वाले बेबस होकर घरों में बैठे हैं। इन 50 दिनों की तस्वीर देखें तो अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 6500 जवान, 4000 आम कश्मीरी घायल हैं। जवानों की ओर से 3 हजार पेलेट गन की गोलियां चलाई गईं, जिससे 400 लोगों की आंखें प्रभावित हुईं। अलगाववादियों ने 1 सितंबर तक के लिए हड़ताल का कैलेंडर जारी कर दिया है। हालांकि शांति के लिए सियासी कोशिशें भी तेज हो गई हैं। उम्मीद है, जल्द राहत मिलेगी। कश्मीरियों के कैद से भरे इन 50 दिनों की एक रिपोर्ट...

#1. राजनीतिक: राजनाथ का दो बार दौरा, उमर भी दिल्ली आए
- होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह जुलाई और अगस्त में दो बार श्रीनगर गए। राजनाथ ने कहा था कि केंद्र राज्य के साथ एक भावनात्मक रिश्ता चाहता है न कि सिर्फ जरूरत आधारित संबंध। 
- उन्होंने सीएम महबूबा मुफ्ती के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस मौके पर पहली बार सीएम मुफ्ती ने कड़े तेवर दिखाए।
- उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और प्रेसिडेंट से मुलाकात की। उधर, राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान में सार्क देशों की बैठक में कहा - आतंकवाद पर लगाम के लिए देशों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की जरूरत। 
- अरुण जेटली ने पाकिस्तान में सार्क देशों के फाइनेंस मिनिस्टर्स की बैठक में जाना कैंसल किया। महबूबा ने पहले दिल्ली जाकर गृहमंत्री से मुलाकात की। फिर 27 अगस्त को पीएम से मिलने भी पहुंची।(महबूबा बोलीं- मोदीजी के पास दो-तिहाई बहुमत, मसले का हल अभी नहीं तो कभी नहीं; 
#2. पाकिस्तान : ब्लैक डे मनाया, आतंकी को शहीद माना
- नवाज शरीफ ने प्रोपेगंडा के लिए शनिवार को 22 सांसदों को लगा दिया। इन्हें कहा है कि अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दा उठाएं। 
- उनके मुताबिक ये विशेष दूत अलग-अलग देशों में कश्मीर के लिए लड़ेंगे। ताकि यूएन की बैठक में माहौल बना सकें। भारत ने इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में शामिल होने से इनकार किया।
- पाकिस्तान ने दुनियाभर के देशों में अपने राजदूतों को कहा कि उनके स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में कश्मीर मुद्दा उठाएं और उन्हें भरोसा दिलाएं कि कश्मीर पाक का हिस्सा है। 
- पाकिस्तान ने अपने स्वतंत्रा दिवस पर स्पेशल ट्रेन पर बुरहान वानी का पोस्टर लगाया था। जिसका नाम ‘आजादी एक्सप्रेस’ रखा। 
- आतंकी वानी को पाकिस्तान ने ‘शहीद’ का दर्जा दिया। कश्मीर में हिंसा पर पाक में ब्लैक डे मनाया गया। ( नवाज ने एक तरफ मोदी को PAK आने का न्योता भेजा, दूसरी तरफ 22 सांसदों से दुनियाभर में कश्मीर मुद्दा उठाने को कहा;
#3. फोर्सेस और अवाम: हिंसा से दोनों को नुकसान
फोर्सेस के 6500 जवान घायल :पुलिसवालों की मौत हुई। इसी दौरान हुए आतंकी हमलों में जम्मू कश्मीर पुलिस के 4 जवान और सीआरपीएफ का एक ऑफिसर शहीद हुआ। अगस्त 19 को सीआरपीएफ ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट को बताया - 3 हजार कार्टिज यानी 16 लाख पैलेट का इस्तेमाल किया है। भीड़ और प्रदर्शनकारियों ने फोर्स की 300 गाड़ियों को जलाया या तोड़ा। 30 पुलिस पोस्ट और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया।
400 युवाओं की आंखों में चोटें :68 लोगों की मौत हुई। पेलेट से 400 युवकों की आंखों में चोट आई है। 4000 लोग घायल हैं। 7472 लोग(जवानों समेत) अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। 266 लोग इलाज करा रहे हैं। 141 एंबुलेंस पर हमले हुए हैं। 9 ड्राइवर जख्मी हुए हैं। 1075 श्रीनगर जनरल हॉस्पिटल रेफर किए गए। 100 लोगों की आई सर्जरी हुई है। बाहर से सर्जन स्पेशलिस्ट बुलाए गए हैं।
सोशल मीडिया में श्री श्री की खिंचाई
- हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के पिता मुजफ्फर वानी ने आर्ट ऑफ लिविंग के फाउंडर श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की है। 
- दोनों की मुलाकात रविशंकर के बेंगलुरु स्थित आश्रम में हुई। श्री श्री ने खुद ट्विटर पर फोटो शेयर की। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, मुजफ्फर वानी पिछले दो दिनों से हमारे आश्रम में थे। हम लोगों ने कई मुद्दों पर चर्चा की। 
- इस ट्वीट के साथ ही श्री श्री ट्विटर में ट्रेंड करने लगे। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी आलोचना भी की।

कर्फ्यू में टली 90% शादियां
- कश्मीर में शादियों का सीजन ईद-उल-फितर के बाद 6-7 जुलाई से शुरू होना था। हर साल जुलाई से अगस्त के बीच 10 हजार शादियां होती हैं। 
- 90 प्रतिशत शादियां टल गई हैं। इस सीजन में हर दिन पांच करोड़ रुपए का मटन बिकता है, जो इस बार नहीं बिका। विदाई आधी रात को होती है। अब दोपहर के पहले ही बेटी विदा कर दी जा रही है।
एजुकेशन: यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं कैंसल
- 31 जुलाई को 10 हजार बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जाम में शामिल हुए। श्रीनगर के रैनावाड़ी की मस्जिद में कर्फ्यू स्कूल खुला, 200 स्टूडेंट्स को पढ़ाने 20 वालंटियर टीचर्स आए। 
- 5912 में से केवल 1704 कैंडिडेट्स सिविल सेवा एग्जाम और 4884 प्रशासनिक सेवा परीक्षा में शामिल हुए। यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं कैंसल कर दी गईं।

कम्युनिकेशन: इंटरनेट-फोन सब बंद
- 9 जुलाई से प्रीपेड फोन पर आउटगोइंग बंद है। शुक्रवार, 15 अगस्त के आसपास कई बार इनकमिंग भी बंद कर दी गई। मोबाइल डाटा इंटरनेट पूरी तरह से बंद है। 
- ब्रॉडबैंड इंटरनेट चल रहा है। इसे भी 15 अगस्त को बंद कर दिया गया था। 2008 और 2010 में भी कई दिन हड़ताल और कर्फ्यू चला लेकिन तब केवल एसएमएस पर रोक थी।

सप्लाई: 50% कम आ रहा दूध
- 28 पेट्रोल-डीजल टैंकरों पर भीड़ और पत्थरबाज हमला कर चुके हैं। जिसके चलते टैंकर वाले हड़ताल भी कर चुके हैं। हर दिन घाटी में 20 लाख लीटर पेट्रोल-डीजल की जरूरत होती है। 
- कश्मीर में सब्जियां बाहर से आती हैं। इनकी सप्लाई 50 प्रतिशत कम हो गया है। गांवों से हर रोज 400 लीटर दूध डाउनटाउन आता था, अब बमुश्किल आधा आ रहा है।
बिजनेस/टूरिज्म: सिर्फ कटरा को 500 करोड़ का नुकसान, पूरी घाटी को 6500 करोड़ का नुकसान
- कश्मीर में इस सीजन में प्रतिदिन 12 हजार के करीब पर्यटक आते थे। लेकिन अब दो सौ के करीब ही आ रहे हैं। 
- 8 जुलाई को सबसे ज्यादा 16367 यात्रियों ने अमरनाथ दर्शन किए, हिंसा भड़कने के बाद संख्या रोज घटती ही गई। इसी कारण इस बार पिछले 10 सालों में सबसे कम 2,20,490 लोगों ने ही दर्शन किए।
- जम्मू जिले में 300 होटल, लॉज, सब के सब खाली। करीब 250 करोड़ का नुकसान। कटरा में होटल, लॉज खाली। होटलों को 100 करोड़ का नुकसान, पर कटरा को कुल 500 करोड़ का नुकसान।
- बिजनेस सेक्टर को हर दिन हो रहा है 130 करोड़ का नुकसान। 6500 करोड़ का नुकसान कश्मीर के बिजनेस सेक्टर को हुआ है। यानी हर दिन लगभग 130 करोड़। 
- इंडस्ट्रियल सेक्टर को रोज 80 करोड़ का नुकसान यानी कुल 4000 करोड़। लोन व बिजली के बकाया चुकाने में राहत की मांग उठने लगी।
- बैंकों के बंद होने से व्यापारियों का 1000 करोड़ का पेमेंट अटका है।
फोर्सेस: 2000 सीआरपीएफ, 4500 पुलिस जवान घायल हुए
- पुलिसवालों की मौत हुई। इसी दौरान हुए आतंकी हमलों में जम्मू कश्मीर पुलिस के 4 जवान और सीआरपीएफ का एक ऑफिसर शहीद।
- अगस्त 19 को सीआरपीएफ ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट को बताया - 3 हजार कार्टिज यानी 16 लाख पैलेट का इस्तेमाल किया है। 
- भीड़ और प्रदर्शनकारियों ने फोर्स की 300 गाड़ियों को जलाया या तोड़ा। 30 पुलिस पोस्ट और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया।
अवाम: 266 लोगों का अब भी इलाज जारी
- 68 लोगों की मौत हुई। पेलेट से 400 युवकों की आंखों में चोट आई है। 4000 लोग घायल हैं। 7472 लोग(जवानों समेत) अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। 
- 266 लोग इलाज करा रहे हैं। 141 एंबुलेंस पर हमले हुए हैं। 9 ड्राइवर घायल हुए हैं। 1075 श्रीनगर जनरल हॉस्पिटल रेफर किए गए।
- 100 लोगों की आई सर्जरी हुई है। बाहर से सर्जन स्पेशलिस्ट बुलाए गए हैं।

INDvsWI: चेज करते हुए टी-20 की सबसे बड़ी जीत से चूकी टीम इंडिया

INDvsWI: चेज करते हुए टी-20 की सबसे बड़ी जीत से चूकी टीम इंडिया, एक रन से मिली हार; ऐसा रहा आखिरी 6 गेंदों का रोमांच

फ्लोरिडा (अमेरिका). टी-20 सीरीज के पहले और बेहद रोमांचक हाई स्कोरिंग मैच में वेस्ट इंडीज ने भारत को 1 रन से हरा दिया। मैच में पहले बैटिंग करते हुए वेस्ट इंडीज ने 6 विकेट पर 245 रन बनाए थे। जवाब में टीम इंडिया 20 ओवर में 4 विकेट पर 244 रन ही बना सकी। आखिरी ओवर की आखिरी गेंद पर भारत को हार मिली। टीम इंडिया के लिए लोकेश राहुल ने 110 रन की शानदार नॉटआउट इनिंग खेली। वेस्ट इंडीज के लिए सेन्चुरी लगाने वाले इविन लुईस मैन ऑफ द मैच बने। ऐसा था आखिरी ओवर का रोमांच...
टीम इंडिया को आखिरी 6 गेंद में जीत के लिए 8 रनों की जरूरत थी, धोनी और लेकेश क्रीज पर थे। वेस्टइंडीज के लिए ड्वेन ब्रावो गेंद करने आए। पढ़ें 6 गेंदों पर क्या हुआ?
19.1
ओवर की पहली गेंद पर धोनी ने एक रन लिया, अब स्ट्राइक लोकेश के पास आ गई। (जीत के लिए रन बचे- 7)
19.2
ब्रावो की दूसरी गेंद पर लोकेश सिर्फ एक रन ले पाए। इस तरह एकबार फिर धोनी को स्ट्राइक मिली। (जीत के लिए रन बचे- 6)
19.3
धोनी ने लेग बाय से दौड़ कर एक रन लिया। तीन गेंदों का मैच बाकी था और अब स्ट्राइक पर थे लोकेश राहुल। (जीत के लिए रन बचे- 5)
19.4
चौथी गेंद पर फिर लोकेश ने एक रन लेकर धोनी को दे स्ट्राइक दे दी। (जीत के लिए रन बचे- 4)
19.5
धोनी ने जोरदार स्ट्रेट ड्राइव लगाया हालांकि गेंद बाउंड्री से पहले ही फील्ड कर ली गई, पर दौड़कर दोनों बैट्समैन ने 2 रन पूरे कर लिए। अब टीम इंडिया को जीत के लिए दो रन की और जरूरत थी।
19.6आखिरी गेंद डालने से पहले ब्रावो काफी देर तक टीम कैप्टन और दूसरे प्लेयर्स के साथ स्ट्रेटजी बनाते रहे। उन्होंने धोनी को गेंद डाली, धोनी ने स्लिप के ऊपर शॉट लगाया, शॉट टाइमिंग बेहतर नहीं रहा और सैमुअल्स ने आसान कैच लपक कर उन्हें आउट कर दिया।
मैच समरी इन शॉर्ट
- भारत ने टॉस जीतकर वेस्ट इंडीज से पहले बैटिंग करने के लिए कहा।
- वेस्ट इंडीज की टीम ने इविन लुईस की शानदार सेन्चुरी (100 रन) और जॉनसन चार्ल्स के धमाकेदार 79 रन की बदौलत 20 ओवर में 245 रन बनाए।
- भारत के लिए स्टुअर्ट बिन्नी ने 11वां ओवर किया, जिसमें लुईस ने एक के बाद एक 5 छक्के लगा दिए। बिन्नी के इस ओवर में एक वाइड समेत कुल 32 रन बने।
- वेस्ट इंडीज की इनिंग में कुल 21 छक्के लगे, जो कि अपने आप में रिकॉर्ड है।
- जवाब में टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 4.4 ओवर में 44 रन पर उसके दो विकेट गिर गए।
- हालांकि इसके बाद तीसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा ने लोकेश राहुल के साथ 89 रन की पार्टनरशिप की और टीम को मजबूती दी।
- रोहित शर्मा 28 बॉल पर 62 रन बनाकर आउट हुए। जिसमें उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के भी लगाए।
- जब रोहित आउट हुए तब इंडिया को जीत के लिए 49 बॉल पर 109 रन चाहिए थे।
- लोकेश राहुल ने केवल 46 बॉल पर 100 रन पूरे किए। वे 110 रन बनाकर नॉट आउट रहे।
मैच में कैसे गिरे भारत के विकेट
- भारत को पहला झटका तीसरे ओवर में अजिंक्य रहाणे के रूप में लगा। वे केवल 7 रन बनाकर रसेल की बॉल पर आउट हो गए।
- डीप थर्डमेन बाउंड्री पर ड्वेन ब्रावो ने एक शानदार कैच लेकर रहाणे को आउट कर दिया।
- इसके थोड़ी ही देर बाद पांचवें ओवर में विराट कोहली (16) भी आउट हो गए।
- कोहली को ब्रावो ने अपनी बॉल पर फ्लेचर के हाथों कैच करा दिया। इस वक्त टीम का स्कोर 48 रन था।
- भारत को तीसरा झटका 12वें ओवर में लगा, जब रोहित शर्मा पोलार्ड की बॉल पर चार्ल्स को कैच दे बैठे।
- रोहित शर्मा 28 बॉल पर 62 रन बनाकर आउट हुए। जिसमें उन्होंने 4 चौके और 4 छक्के भी लगाए।
- तीसरे विकेट के लिए रोहित ने लोकेश राहुल के साथ 89 रन की पार्टनरशिप की।
- भारत को चौथा और आखिरी झटका आखिरी ओवर की आखिरी बॉल पर लगा, जब कप्तान धोनी, ब्रावो की बॉल पर सैमुअल्स के हाथों कैच हो गए।
- धोनी 25 बॉल पर 43 रन बनाकर आउट हुए। इस दौरान उन्होंने 2 चौके और 2 छक्के भी लगाए।
वेस्ट इंडीज का स्कोर बोर्डः
बैट्समैनरनबॉल46
जॉनसन चार्ल्सबो. मोहम्मद शमी793367
इविन लुईसकै. अश्विन बो. जडेजा1004959
आंद्रे रसेलlbw बो. जडेजा221212
कीरोन पोलार्डबो. बुमराह221502
कार्लोस ब्रेथवेटरन आउट (बुमराह)141011
ड्वेन ब्रावोनॉट आउट1100
लेंडल सिमंसबो. बुमराह0100
मार्लोन सैमुअल्सनॉट आउट1100
भारत का स्कोर बोर्डः
बैट्समैनरनबॉल46
रोहित शर्माकै. चार्ल्स बो. पोलार्ड622844
अजिंक्य रहाणेकै. ब्रावो बो. रसेल7710
विराट कोहलीकै. फ्लेचर बो. ब्रावो16930
लोकेश राहुलनॉट आउट11051125
एमएस धोनीकै. सैमुअल्स बो. ब्रावो432522

शनिवार, 27 अगस्त 2016

IND-WI T20 आज US में

IND-WI T20 आज US में: 84 साल में 19th देश में खेलेगी इंडिया, श्रीलंका की होगी बराबरी; इन प्लेयर्स के बीच मुकाबला


फ्लोरिडा (अमेरिका). भारत-वेस्ट इंडीज के बीच दो टी20 की सीरीज का पहला मैच लॉडरहिल के सेंट्रल बोवार्ड रीजनल पार्क स्टेडियम में इंडियन टाइम के मुताबिक आज शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा। एमएस धोनी टीम के साथ जुड़ चुके हैं। भारत के 84 साल के अंतरराष्ट्रीय सफर में अमेरिका 19वां देश है जहां टीम इंडिया खेलेगी। भारत इस तरह श्रीलंका के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करेगा। अमेरिका 10वां नॉन टेस्ट प्लेइंग देश है, जहां भारत खेलेगा। 9 साल बाद भारत किसी न्यूट्रल वेन्यू पर सीरीज खेल रहा है। विराट-गेल के बीच दिखेगी कड़ी टक्कर...
- इस मैच में विराट कोहली और क्रिस गेल के बीच टक्कर देखने को मिलेगी। गेल को टी20 फॉर्मेट का बेस्ट बैट्समैन माना जाता है तो कोहली भी कम नहीं।
- आईपीएल में कोहली और गेल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम में साथ-साथ हैं। इसलिए दोनों बहुत अच्छे दोस्त भी हैं। कोहली ने अब तक 43 टी20 इंटरनेशल मैच खेले हैं, जिनमें उनका हाइएस्ट स्कोर नॉट आउट 90 रन है।
- वहीं, गेल ने अब तक 50 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और उनका हाइएस्ट स्कोर 117 रन है। सीरीज का दूसरा मैच रविवार को होगा।
फ्लोरिडा के इस स्टेडियम पर क्या है रिकॉर्ड
- सेंट्रल बोवार्ड रीजनल पार्क स्टेडियम आईसीसी से मान्यता पाने वाला अमेरिका का इकलौता क्रिकेट स्टेडियम है।
- इस ग्राउंड पर अब तक 4 इंटरनेशनल टी20 मैच हुए हैं। न्यूजीलैंड-श्रीलंका और न्यूजीलैंड-वेस्ट इंडीज ने 2-2 मैचों की सीरीज खेली है।
- 2010 में न्यूजीलैंड ने पहले मैच में श्रीलंका को 28 रन से हराया था, जबकि दूसरे मैच में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया था।
- 2012 में न्यूजीलैंड और वेस्ट इंडीज के बीच 2 टी20 मैच हुए और दोनों में वेस्ट इंडीज ने न्यूजीलैंड को क्रमश: 56 और 61 रन से हराया।
- इस ग्राउंड पर टी20 मैच में सबसे ज्यादा रन वेस्ट इंडीज ने बनाए हैं। 2012 में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 209 रन बनाए।
- उस मैच में गेल ने सबसे अधिक नॉट आउट 85 रन बनाए थे। इस ग्राउंड पर हाइएस्ट इंडिविजुअल स्कोर का रिकॉर्ड भी यही है।
- एक इनिंग में हाइएस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के सुनील नारायण के नाम है। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 12 रन देकर 4 विकेट लिए।
श्रीलंका के रिकॉर्ड कैसे होगी बराबरी?
19देशों में श्रीलंका भी खेल चुका है। 
18देशों में भारत और पाकिस्तान खेल चुके हैं।
17देशों में वेस्टइंडीज।
16देशों में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अफ्रीका।
15देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, आयरलैंड, केन्या, न्यूजीलैंड।
14देशों में इंग्लैंड व जिंबाब्वे खेल चुके हैं।
पहली बार 1932 में टीम इंडिया मैच खेलने इंग्लैंड गई थी
- विदेश गई पहली टीम के पोरबंदर के महाराज कप्तान थे। पर बाद में सीके नायडू को इसकी कप्तानी सौंपी गई। 
- जिन 18 देशों में भारत खेला उनमें से 8 में पहला मैच जीता। 5 देेशों (ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और भारत) में हार मिली।
- 4 देशों (पाक, अफ्रीका, इंडीज, जिंबाब्वे) में ड्रॉ रहा। स्कॉटलैंड से हुआ पहला मैच रद्द हो गया था।
टीवी राइट्स 63% कम कीमत पर बेचे
- अमेरिकी सीरीज के टीवी राइट्स 63% कम कीमत पर बेचे गए, फिर भी बीसीसीआई को 60 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। 
- वेस्टइंडीज के साथ भारत 5 टी-20 खेला है। 3 हारा, 2 जीता। भारत यह सीरीज 0-2 से हारा तो रैंकिंग में वह दूसरे से चौथे स्थान पर आ जाएगा।
न्यूट्रल वेन्यू पर कब-कब खेले मैच
- 2007 में आयरलैंड में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज हुई थी। इससे पहले भी भारत ने पाक के खिलाफ चार सीरीज कनाडा में और एक यूएई में खेला है।
- भारतीय टीम अमेरिका में पहली बार कोई इंटरनेशनल मैच खेलेगी। हालांकि, अमेरिका में अब तक 4 टी20 मैच हो चुके हैं। दो मैच न्यूजीलैंड-श्रीलंका के बीच और दो न्यूजीलैंड-इंडीज के बीच हुए हैं।

क्या कहा टीम इंडिया के कोच अनिल कुंबले ने
- कुंबले ने यहां के ग्राउंड और पिच की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा- "टी20 क्रिकेट के लिहाज से यहां का विकेट काफी अच्छा है। आउटफील्ड शानदार है। मैं काफी इम्प्रेस हूं।" 
- कुंबले ने कहा, "मैंने फ्लोरिडा की पिच के बारे में काफी सुना था। पहली बार मैं इस ग्राउंड पर आया हूं।" 
- "यहां इस सीरीज के लिए बहुत बढ़िया अरेंजमेंट किए गए हैं। मुझे उम्मीद है कि इस सीरीज के बाद अमेरिका में भी क्रिकेट का फ्यूचर अच्छा होगा।" 
- "सच कहूं तो मैंने यहां इतनी अच्छी फैसिलिटीज की उम्मीद नहीं की थी। मैं काफी इम्प्रेस हूं।" 
- बता दें कि भारत नौ साल बाद किसी न्यूट्रल वेन्यू पर मैच खेल रहा है। वहीं, टीम इंडिया अमेरिका में पहली बार कोई इंटरनेशनल मैच खेलेगी।
- इससे पहले वेस्ट इंडीज के खिलाफ 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया ने 2-0 से जीत दर्ज की।

शुक्रवार, 26 अगस्त 2016

जयपुर में 500 करोड़ की जमीन पर कार्रवाई से पूर्व राजकुमारी नाराज

जयपुर में 500 करोड़ की जमीन पर कार्रवाई से पूर्व राजकुमारी नाराज, कहा- रॉयल फैमिली के अपमान का अंजाम भुगतना होगा

जयपुर.होटल राजमहल पैलेस से जुड़ी 12 बीघा जमीन को जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा कब्जे में लेने और होटल के मेन गेट को सील करने के खिलाफ बीजेपी एमएलए और पूर्व राजकुमारी दीया कुमारी खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने कहा कि जेडीए का रवैया गलत था। उन्होंने पेपर ही नहीं देखें। उन्होंने मेरा और मेरे पूरे राजपरिवार का अपमान किया है। इसकी सजा भुगतनी पड़ेगी। पूरी कार्रवाई साजिश के तहत की गई। राजपरिवार ने जेडीए को जमीन दी है, कभी ली नहीं। क्या है पूरा विवाद...
- राजमहल पैलेस जयपुर राजघराने के सबसे महंगे होटलों में शुमार है। बुधवार को यहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
- जयपुर डेलवपमेंट अथॉरिटी (JDA) ने होटल की जमीन के एक हिस्से को कब्जे में ले लिया। 4 गेट और एक बिल्डिंग पर ताला जड़ दिया। 2 हिस्सों में बुलडोजर भी चले। इस दौरान दीया कुमारी की जेडीए के अफसर शिखर अग्रवाल से तीखी नोक-झोंक हुई। 
- 12 बीघा इस जमीन की कीमत 500 करोड़ रुपए बताई गई है। कहा यह जा रहा है कि होटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए जेडीए के पास पुख्ता दस्तावेज हैं। यह भी कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे को भी इसकी जानकारी है।
दीया कुमार से भास्कर के सीधे सवाल...
Q. चर्चा है राजमहल की पहले डील हुई, सौदा नहीं हुआ तो कार्रवाई हुई?
दीया:ऐसी कोई बात नहीं। राजमहल हमारी ही प्रॉपर्टी है। हमने सुजान ग्रुप को मैनेजमेंट के लिए दिया है। दो साल हो गए। इसका किसी से कोई लेना-देना नहीं। मेरे पूर्वजों की देन है। किसी को भी किसी भी कीमत पर नहीं दूंगी। इसकी कोई कीमत नहीं है। इसमें मेरा व मेरे परिवार के लोगों का इमोशनल अटैचमेंट है। ऐसी नौबत क्या आ गई कि इसको बेचूंगी। यह अफवाह गलत है। यह सोचा भी क्यों किसी ने। मैं भी इस अफवाह से परेशान हो गई हूं। मैं स्पष्ट कह देती हूं कि यह होटल हमारा है।
Q. जेडीए ने जो कार्रवाई की उसके बारे में क्या आपको पहले से पता था?
दीया :एक दिन पहले नोटिस चस्पा किया था। जेडीए से बात हुई तो मैंने कहा कि जो भी कार्रवाई करें, न्यायोचित करें। उन्होंने कहा-ठीक है। कल आप किसी के साथ आॅफिस में दस्तावेज भेज दीजिए। अगले दिन सुुबह सात बजे जेसीबी लेकर पहुंच गए। मुझे धक्का लगा। रात को कुछ बोला, सुबह कुछ बोला।
Q. ऐसी कार्रवाई को क्या कहेंगी?
दीया:मेरे साथ मेरे पूरे परिवार का भी अपमान हुआ। जयपुर बसाया ही मेरे पूर्वजों ने। जेडीए तो बाद में बना है। जयपुर तो पहले से ही मेरा है। जयपुर के लिए मेरे पूर्वजों ने कुर्बानी दी है। आज बड़े संस्थान, कॉलेज, म्यूजियम ये किसकी देन हैं? चाहे रामसिंहजी, जयसिंहजी, माधोसिंहजी, गायत्री देवी या मानसिंह जी। या मेरे पिता जो देश के लिए लड़े।
कौन हैं दीया कुमारी?
- दीया कुमारी जयपुर के महाराजा सवाई सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की बेटी हैं। परिवार की विरासत दीया ही संभालती हैं। 
- इनमें राजमहल पैलेस, सिटी पैलेस, जयपुर का घर, जयगढ़ फोर्ट, दो ट्रस्ट- महाराजा सवाई सिंह द्वितीय संग्रहालय ट्रस्ट जयपुर और जयगढ़ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट शामिल हैं।
- अपनी दादी राजमाता गायत्री देवी से इम्प्रेस होकर दीया राजनीति में आईं। इन्होंने 10 सितंबर 2013 को बीजेपी ज्वाइन की।
- 2013 में हुए राजस्थान असेंबली इलेक्शन में दीया कुमारी सवाई माधोपुर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं।
Q. क्या आपने जेडीए की जमीन पर कब्जा कर रखा था?
दीया :जेडीए की जमीन पर कोई कब्जा नहीं है। जो जेडीए की जमीन है वह ले ले, हमने कब मना किया। मगर मेरी जमीन जेडीए जबरन नहीं ले सकता। मैं राजघराने से हूं। एमएलए हूं। आप सोचो ..जब मेरे साथ ही इस तरह की कार्रवाई हो सकती है तो आम जनता का क्या होगा?
Q. आप सत्तारूढ पार्टी की विधायक हैं, पूर्व राजपरिवार से हैं। आपके ही हाेटल में इस तरह की कार्रवाई हुई। आपकी छवि पर असर पड़ रहा है?
दीया:कोई लीगल को भी इलीगल बनाना चाह रहे हैं। तो मैं क्या कर सकती हूं। मैं भी आज जनसेवा में हूं। मर्जी से आई हूं पॉलिटिक्स में। मुझ पर दबाव नहीं था। मैं खुद आना चाहती थी। मैं कुछ करना चाहती थी। जनप्रतिनिधि होने के बाद भी मेरे खुद के घर में ही ऐसा हो रहा है तो क्या होगा। मेरे विधानसभा क्षेत्र के लोग कह रहे हैं, यह क्या हो रहा है? मैं उनके लिए क्या कर सकती हूं। आज मैं कोई गलत चीज नहीं मांग रही। यह तानाशाही हो गई। ऐसे अफसर बर्दाश्त के बाहर हैं।
Q. जेडीए का कहना है कि अवैध निर्माण था, कब्जा था, हमने उसे हटाया है?
दीया :जेडीए ने कार्रवाई की है वो गलत है। ओपन लैंड थी, बिल्डिंग के दोनों ओर। उसको तो हम भी नहीं कह रहे थे कि हमारी है। खाली थी। हमने निर्माण नहीं किया। जेडीए की जमीन छोड़कर ही हमने प्लांटेशन किया। जेडीए की जमीन लेकर मैं क्या करूंगी? जेडीए की जमीन के बारे में हम नहीं कह रहे हैं कि हमारी है। हमने प्लांटेशन ही हमारी जमीन में किया है। मेरे परिवार ने जेडीए को जमीन दी है। फिर यह बात कहां से आ गई कि मैं किसी सरकारी जमीन को लेकर बैठी हूं। हमारी भी काफी जमीन है, जो मालिकाना हक हमारा है लेकिन बिल्डिंग किसी ओर की है। मगर जो डिक्री हुई है उसे अमल करना चाहिए। 

Q. कार्रवाई के दौरान आपके साथ जेडीए अफसरों के बर्ताव को लेकर भी चर्चा है कि आपके साथ वे गलत रवैए से पेश आए?
दीया:जेडीसी का रवैया गलत था। ऐसे पेश नहीं आना चाहिए था। मैं कह रही थी कि पेपर देख लीजिए। बैठ जाते हैं। इतनी जल्दी क्या थी मेरे समझ में नहीं आ रहा। मैं कहीं भाग के जा रही थी क्या। जमीन कहीं नहीं जा रही थी। क्या मैंने कोई बिल्डिंग खड़ी कर दी थी वहां, जिसे तोड़ने आ गए। जिस पर कार्रवाई की उसकी डिक्री हो चुकी थी। उस पर कार्रवाई की जो गलत है। यह उनको भुगतना पड़ेगा ही। मुझे खुद को भी समझ में नहीं आ रहा कि इतनी जल्दबाजी में करने की जरूरत क्या थी।

Q. कार्रवाई के विरोध में आपने कहां-कहां आपत्ति दर्ज कराई?
दीया: मैंने हर स्तर पर पहुंचाया है। आगे तक बताया है। मैं आफिशियली विरोध करूंगी। लीगली कार्रवाई करेंगे।

Q. जब आप मानते हैं कि आप सही हैं तो क्या आपको बैकफुट पर लाने या राजनीति स्तर पर नीचा दिखाने के लिए कार्रवाई की गई ?
दीया :यह मेरे जानकारी में नहीं है। मगर जो हुआ गलत हुआ है। जेडीए गुंडागर्दी से मुक्त जमीन को हथियाना चाहता है, जेडीए की कार्रवाई को लेकर पूर्व राजघराने के महाराज नरेन्द्र सिंह ने कहा है कि जयपुर राजपरिवार सरकार की ओर से अवाप्त की गई 65 बीघा 16 बिस्वा जमीन की एक इंच भी कब्जा नहीं करना चाहता। मगर अवाप्ति से मुक्त 54 बीघा सात बिस्वा जमीन को राजघराना किसी भी कीमत पर जेडीए या किसी अन्य को कब्जा नहीं करने देगा। जेडीए के अफसर यह जानते हुए कि अवाप्ति से मुक्त जमीन राजपरिवार के स्वामित्व की है एवं डिक्री पारित की हुई है इसके बाद भी दादागिरी से जमीन को हथियाना चाहते हैं।
क्या है इस होटल की खासियत?
- ढाई सौ साल पहले सवाई जयसिंह द्वितीय ने अपनी रानी चंद्र कंवर राणावत के लिए इसे बनवाया था।
- 1821 में राजमहल पैलेस ब्रिटिश सरकार के अधीन राजपूताना का पॉलिटिकल ऑफिस था।
- 1958 में महाराजा सवाई सिंह द्वितीय ने यहीं पर रहना शुरू किया था।
- इस होटल में कभी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, लॉर्ड और लेडी माउंटबेटन जैसी हस्तियां ठहर चुकी हैं।

देश में पहली बार 25 किलो की चांदी के अष्ट कमल दल पर कान्हा का प्राकट्य

 देश में पहली बार 25 किलो की चांदी के अष्ट कमल दल पर कान्हा का प्राकट्य, इस बार जन्माष्टमी की थीम बेटी बचाओ


मथुरा.भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान में पहली बार कान्हा का प्राकट्य 25 किलो की चांदी के अष्ट कमल पर हुआ। संयोग ही है कि इस वर्ष ग्रह-नक्षत्रों के योग ठीक वैसे ही रहा, जैसा हजारों साल पहले भगवान के जन्म के वक्त था। कान्हा की नगरी में जन्‍मोत्‍सव मनाने जुटे श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। जन्म के साथ ही मथुरा में हर ओर ढोल-मजीरे पर कीर्तन...
- जन्मस्थान में पहली बार कान्हा का प्राकट्य चांदी के कमल से हुआ। इस कमल को इस तरह डिजाइन की गई थी कि जन्म की घड़ी आते ही पंखुड़ियां अपने आप खुलने लगी और कृष्ण ने सबको दर्शन दिया।
- रात को 12 बजे भगवान के जन्म के साथ ही मथुरा की गलियों में हर ओर मंगल ध्वनि और कीर्तन सुनाई दे रहा था।
- जन्माष्टमी के मौके पर कई विदेशी श्रद्धालु भी वहां पहुंचे हुए थे। 'नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की' का कीर्तन सभी मंदिरों और गलियों में सुनाई दिया।
- कई जगह तो भक्त भगवान की पालकी सिर पर रखकर भक्तिभाव में मगन नजर आ रहे थे।
- जन्माष्टमी के मौके पर यहां के सभी छोटे-बड़े मंदिरों और राधा-कृष्‍ण की प्रतिमाओं का भव्‍य श्रृंगार किया गया। इस बार जन्माष्टमी की थीम बेटी बचाओ रही।
पढ़ें मथुरा से जन्माष्टमी के बड़े अपडेट्स...

12.45 AM :जन्‍मस्‍थाली के अंदर और बाहर लग रहे जय कन्‍हैया लाल की, मदन गोपाल की गूंज रहे थे।
12.40 AM :कई सारे भक्‍त बाल कृष्‍ण के दर्शन के लिए बाहर इंतजार कर रहे थे। 
12.35 AM :जन्‍म स्‍थली पर भक्‍तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। 
12.31 AM : यहां पहुंचे श्रद्धालु मोबाइल से आरती का वीडियो शूट करते दिखे।
12.30 AM : अभिषेक के बाद बालकृष्‍ण की भव्‍य आरती शुरू।
12.21 AM : पोशाक को पुष्पाम्बुज नाम दिया गया है। इसमें पत्तियों की डिजाइन को इस तरह उकेरा है कि इस पर रोशनी पड़ते ही इसके रंग श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
12.20 AM : वृंदावन के इस्‍कॉन टेम्‍पल में भी किया गया बाल गोपाल का अभिषेक। 
12.20 AM: चांदी के अष्ट कमल दल पर जन्‍म के बाद बालकृष्ण को सतरंगी पोशाक पहनाया गया।
12.15 AM :अभिषेक के साथ ही आसमान से फूलों की बारिश की गई।
12.12 AM : अयोध्या के महंत नृत्यगोपाल दास महाराज, अनुराग डालमिया ने किया अभिषेक।
12:01 AM : भगवान के प्राकट्य के साथ ही पूरा मंदिर परिसर हरिबोल की ध्वनि से गूंज उठा।
12:01 AM :बाल गोपाल का जन्‍म होते ही परिसर में बजे ढोल-नगाड़े।
12.01 AM :कान्हा के जन्म के साथ ही जयकारों से गूंज उठी श्याम नगरी, हर ओर कीर्तन। 
12.00 AM :बाल गोपाल ने अष्ट कमल दल में लिया जन्‍म।
11.55 PM :कमल दल की आठ पंखुड़ियों के खुलते ही भगवान कृष्ण का प्रकाष्टवय स्वकरूप दिखाई देगा।
11.48 PM : कान्हा अष्ट कमल दल पर प्रगट होने वाले हैं। यह 25 किलो वजन की चांदी का बनवाया गया है।
11.45 PM :श्री गणेश व नवग्रह पूजन शुरू। 
11.35 PM : अब श्री गणेश व नवग्रह पूजन शुरू होने वाला है।
11.30 PM : भागवत भवन के श्रीकेशवदेव मंदिर में ढोल-नगाड़े, झांझ-मजीरे, संकीर्तन के बीच भगवान श्री राधाकृष्ण की दिव्य दर्शन हो रहा है।

इस बार नक्षत्रों का अद्भुत संयोग
- इस बार यह त्योहार और भी खास हैै, क्‍योंकि गृह, नक्षत्रों का वैसा ही संयोग पड़ रहा है जैसा श्री कृष्ण के जन्म के समय था। ऐसा संयोग हर बार नहीं होता है। 
मथुरा-वृंदावन में कुछ इस तरह रहा इंतजाम
जन्मस्थान की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर लाल कालीन बिछाए गए। कोई घर ऐसा नहीं दिखा, जहां पीले, नारंगी, हरी पत्तियों की तोरण पताकाएं न लगीं हों। हर दरवाजे पर रंगोली सजी दिखी। कोई दीवार ऐसी नहीं थी जिस पर कुमकुम के साथिए न बने हों।
इस बार जन्माष्टमी की थीम बेटी बचाओ
- इस बार कृष्ण जन्मोत्सव की थीम बेटी बचाओ रखी गई। मथुरा में जन्मस्थान के आसपास के इलाके में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के पोस्टर लगे हैं।
- रियो में मेडल जीतने वाली पीवी सिंधु और साक्षी मलिक की तस्वीरें दिखीं। मथुरा के एक अफसर बताते हैं कि कृष्ण जन्माष्टमी पर लोगों को शपथ दिलवाई जा रही है कि अब बेटी को न मरने देंगे। यही कृष्ण के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा होगी। द्वापर युग में भी कान्हा के बदले लाई गई आठवीं संतान, जो कि लड़की थी, कंस के हाथों से छिटककर आसमान में चली गई थी।
- पुजारी कपिल शर्मा कहते हैं कि अभिषेक के समय पंडितों की ओर से जो उत्सव संकल्प दिलाया गया, वह कन्या बचाने का था।
- इस बार जन्माष्टमी पर करीब 30 लाख लोग मथुरा-वृंदावन पहुंचे। पिछली बार ये संख्या 20 लाख थी।
जन्माष्टमी पर मथुरा में बाजार से खरीदकर खाने की जरूरत नहीं
- सबसे खास बात यह है कि यहां के तमाम मंदिरों में ठाकुरजी के भोग और भंडारे के इतने ज्यादा हैं कि किसी को भी बाजार से खरीदकर कुछ खाने की जरूरत नहीं।
- मथुरा आने वालों की संख्या बुधवार सुबह से ही बढ़ती गई। श्रद्धालु अपनी गाड़ी से ब्रज की धरती पर पैर रखते ही सबसे पहले उसे छूकर प्रणाम कर रहे थे, ब्रज रज (मिट्‌टी) को अपने सिर पर लगाते, कई लोग जमीन पर साक्षात दंडवत करते दिखे।
- कृष्ण की जन्म व लीला भूमि का स्पर्श करके वे खुद को धन्य मान रहे थे। बीच-बीच में कन्हैया लाल की जय, बंशीवाले का जयकारा गूंजता। आॅटो, रिक्शा, बाइक, स्कूटर वाले हॉर्न बजाने के बजाय जोर से राधे-राधे कहते, सामने वाला सुनता और राधे-राधे कहता हुआ एक तरफ हट जाता।
केशवदेव मंदिर में जन्माष्टमी का अभिषेक

- जन्मस्थान परिसर स्थित केशवदेव मंदिर में बुधवार रात को ही जन्माष्टमी का अभिषेक हुआ। वहां के पुजारी कहते हैं कि रोहिणी नक्षत्र होने के चलते ऐसा किया गया।
- जबकि जन्मस्थान के मुख्य मंदिर भागवत भवन और द्वारिकाधीश मंदिर और वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर और राधारमण मंदिर सहित भारत के अधिकांश मंदिरों में गुरुवार को जन्माष्टमी मनाई गई।
- जबकि नंदगांव में रिवाज के मुताबिक सलूनो (रक्षा बंधन) के नवें दिन जन्माष्टमी मनाई जाती है। इसलिए वहां शुक्रवार को जन्माष्टमी मनेगी।

बुधवार, 24 अगस्त 2016

बिहार में बाढ़ से 20 लाख लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ से 20 लाख लोग प्रभावित: लालू यादव ने कहा - 'भाग्यशाली हैं कि गंगा मइया आपकी रसोई में आ गईं'


नई दिल्ली/पटना/लखनऊ.बिहार में बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। पानी में बहने या डूबने से 95 लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार के 12 जिलों में बाढ़ से 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। औरंगाबाद जिले में पुनपुन नदी में नाव समेत 18 लोग लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। बाकी को बचा लिया गया। नाव में 25 लोग सवार थे। पटना जिले में भी डूबने से सात लोगों की मौत हुई है। इस बीच गंगा व सोन नदी का पानी कमजोर हुआ है। उधर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, असम के कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं। लालू बोले- भाग्यशाली हैं कि गंगा मइया आपके घर तक पहुंच गईं, प्रार्थना करिए लौट जाएंगी...
-आरजेडी चीफ लालू प्रसाद ने अपने अंदाज में बाढ़ पीड़ितों को गंगा के रौद्र रूप या खौफ से मुक्त करने की कोशिश की।
- उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से कहा-आपलोग तो भाग्यशाली हैं कि गंगा मई या आपके घर और रसोई तक पहुंच गई हैं।
- गंगाजल को तड़पते थे। और जब गंगा मइया घर तक पहुंच गईं, तो डर गए हैं; घबरा गए हैं।
- खैर, अब गंगा मइया को पूजिए और उनसे और तकलीफ नहीं देने की प्रार्थना कीजिए। गारंटी है कि वह वापस चली जाएंगी।
- लालू, बाढ़ पीड़ितों के बीच थे। उनका दुख, दर्द पूछ रहे थे। राहत, बचाव कार्य का हाल जान रहे थे।
नीतीश ने मोदी से की मुलाकात, मदद का भरोसा
- नीतीश कुमार ने बिहार में बाढ़ के हालात पर नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने पीएम से विशेषज्ञों की एक टीम बिहार भेजने की अपील की।
- नीतीश ने मोदी से यह भी कहा कि- "बिहार में गंगा की हालत देखकर रोने का मन करता है। इस नदी में सिल्टेशन की प्रॉब्लम को खत्म करने से ही हर साल आने वाली बाढ़ से निजात पाई जा सकती है।"
- मोदी के साथ मीटिंग के बाद नीतीश कुमार ने कहा- "पीएम ने तत्काल मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने एक नेशनल सिल्ट मैनेजमेंट पॉलिसी बनाने की भी बात कही है।" 
- नीतीश ने मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी नमामि गंगे प्रोजेक्ट पर बिहार में बेहतर सिल्ट मैनेजमेंट के साथ अमल की भी बात कही है।
- सीएम ने कहा- "अगर हालात पर ध्यान नहीं दिया गया तो इस प्रोग्राम की सफलता पर सवाल खड़े होंगे।"
- नीतीश ने फरक्का बांध की यूटिलिटी की भी बात की। कहा- "यह देखा जाना चाहिए कि इस बांध से फायदा अधिक हो रहा है या नुकसान।"
छिछली होती जा रही है गंगा
- नीतीश ने कहा- "जब से फरक्का बांध बना है, गंगा में सिल्टेशन हो रहा है।" 
- "गाद बैठने के चलते नदी छिछली होती जा रही है, जिसके चलते नदी फैल रही है।" 
- "गर्मी के दिनों में गंगा में बहुत कम पानी रहता है और बरसात में अधिक पानी आने पर बाढ़ आ जाती है।"
कैसे आई बिहार में बाढ़ ?
- सोमवार को सोन नदी में महज 2 घंटे में मध्य प्रदेश के बाणसागर डैम से डेढ़ लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी पहुंच गया। 
- इसके चलते गंगा समेत सभी बड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
- वेस्ट बंगाल में फरक्का बैराज का गेट न खोले जाने के कारण गंगा का पानी लगातार बिहार में बढ़ रहा है। एनडीआरएफ ने 5 हजार लोगों को निकाला है।
बिहार: 20 जिलों में बाढ़ का कहर, 12 जिलों के लिए 12 घंटे अहम
- बाढ़ से प्रभावित पटना समेत 12 जिलों के लिए अगले 12 घंटे अहम हैं, क्योंकि सोन में पानी बढ़ने से गंगा का जलस्तर बढ़ना तय है।
- सबसे बड़ा रेस्क्यू आॅपरेशन दीदारगंज में हुआ, जहां 3400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
- एनडीआरएफ के दिल्ली मुख्यालय में बाढ़ पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है। जरूरत पड़ने पर और टीमें भेजी जा सकती हैं।
टापू बना भागलपुर, खगड़िया में टूटा बांध
- सोमवार को खगड़िया में जमींदारी बांध पानी का दबाव नहीं झेल पाया और टूट गया। वहीं, गंगा में ऊफान से भागलपुर टापू जैसा बन गया है।
- रोहतास के इंद्रपुरी बैराज से रविवार को छोड़े गए 5 लाख क्यूसेक पानी के सोमवार की रात तक रोहतास की सीमा में आने से हालात बिगड़ने के आसार हैं।
2 लाख 74 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से बेघर हुए
- गंगा नदी में आए उफान से 2 लाख 74 हजार लोग बेघर हो गए हैं। 23 पंचायतें तो पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं, वहीं 9 पंचायतों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
- पटना के 79 गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। इस कारण 5478 हेक्टेयर जमीन पानी में समा गई है।


महिला कुश्ती में पहला ब्रॉन्ज जीतकर लौटीं साक्षी का जोरदार स्वागत

महिला कुश्ती में पहला ब्रॉन्ज जीतकर लौटीं साक्षी का जोरदार स्वागत, एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुंचे हरियाणा के 5 मंत्री


रोहतक.महिला कुश्ती में देश को पहला ओलिंपिक मेडल दिलाने वाली साक्षी मलिक का भारत लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। बुधवार सुबह 3.30 बजे साक्षी दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर उतरीं। उन्हें रिसीव करने के लिए हरियाणा सरकार ने अपने 5 मंत्री भेजे। साक्षी का परिवार और गांव के करीबी लोग भी वहां पहुंचे। रोहतक में अपने गांव तक साक्षी का रोड शो होगा। बहादुरगढ़ में होगा सम्मान...
- दिल्ली एयरपोर्ट पर साक्षी को रिसीव करने के लिए हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज, कविता जैन आदि पहुंचे।
- साक्षी का विजय जुलूस में रोहतक के पास मोखरा गांव की तरफ जाएगा। 
- साक्षी को रिसीव करने के लिए उनके परिवार के सदस्य मंगलवार आधी रात को ही दिल्ली रवाना हो गए थे। 
- साक्षी को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर बहादुरगढ़ में सम्मानित करेंगे। वे साक्षी को 2.5 करोड़ रुपए का चेक देंगे।
12 साल का सपना पूरा हुआ
- साक्षी मलिक ने कहा कि उनका 12 साल पुराना सपना पूरा हुआ है। 
- वहीं पिता सुखबीर मलिक ने बताया कि एक वक्त था, जब 2003 में बेटी ने पहली बार कुश्ती में एंट्री की तो लोगों की बहुत सुननी पड़ी थी, लेकिन बेटी का हौसला देखकर हमारा भी हौसला बढ़ा। देश और प्रदेश सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे चुकी है। मेरा मानना है कि बेटी खिलाओ का नारा भी दिया जाना चाहिए।
- सुखबीर मलिक ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतना हुजूम उमड़ेगा, देशवासियों से इतना प्यार मिलेगा। ओलिंपिक में 12 दिन बीत जाने के बावजूद देश के नाम कोई मेडल नहीं था और जब से उनकी बेटी ने यह मेडल जीता है, तभी से हर कोई पलकें बिछाए इस पल का इंतजार कर रहा था।
साक्षी ने खेला था कमाल का मैच
बता दें कि ओलिंपिक के 12वें दिन 23 साल की रेसलर साक्षी मलिक ने कमाल का मैच खेला। वे 58 किलो की फ्री-स्टाइल रेसलिंग में किर्गिस्तान की रेसलर एसुलू तिनिबेकोवा से 5-0 के बड़े मार्जिन से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने आखिरी 9 सेकंड में बाजी पलटकर भारत को ब्रॉन्ज दिला दिया। महिला रेसलिंग में भारत का किसी भी अोलिंपिक का पहला मेडल है।
51 किलो की गदा से होगा सम्मान
साक्षी को सम्मान में 51 किलो की गदा दी जा सकती है। क्योंकि एक पहलवान का सम्मान गदा देकर करना सबसे बेहतर माना जा रहा है।
साक्षी का मंच होगा सबसे ऊंचा
मोखरा के रहने वाले फूलकुमार मलिक ने बताया कि पंडाल में तीन मंच बनाए जाएंगे। साक्षी का मंच सबसे ऊंचा होगा। एक मंच वीआईपी लोगों के लिए होगा तो तीसरा मंच गणमान्य व्यक्तियों और प्रेस के लिए।

#Rio में भारत को पहला मेडल दिलाने वालीं साक्षी की जिद और जुनून के 5 किस्से
किस्सा - 1
आखिरी 10 सेकंड में नहीं मानी हार

- साक्षी मलिक ने मेडल जीतने के बाद बताया, "आज पूरे दिन नेगेटिविटी नहीं आई। आखिरी पड़ाव पर मेरे पास 10 सेकंड ही थे। मैंने 2-2 सेकंड में कुश्ती बदलते देखी है तो सोचा कि 10 सेकंड में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? लड़ना है, मेडल लेना है। यही दिमाग में था कि मेडल तो मेरा है। आखिरी में मैं जो प्वाइंट जीत पाई उसका कारण था कि क्योंकि मैं उन दस सेकंड में हार नहीं मानी थी।''
किस्सा - 2
पहलवान बनकर प्लेन बैठने की ख्वाहिश

- साक्षी के पिता पिता सुखबीर मलिक बताते हैं, ''साक्षी शुरू से बोलती थी कि पापा मैं पहलवान बनकर प्लेन में बैठूंगी और ओलिंपिक मेडल जीतूंगी। साक्षी ने भी कहा, ''रेसलर इसलिए बनी क्योंकि प्लेन में बैठने की ख्वाहिश थी। रेसलर बनना बहुत बड़ा सपना था। मेडल सपनों में आता था।''
किस्सा - 3
कुश्ती की ड्रेस देखी तो रेसलर बनने की ठान ली

- परिवार चाहता था कि साक्षी जिम्नास्टिक्स सीखे। लेकिन बाकी गेम साक्षी को पसंद नहीं अाए। कुश्ती हॉल में पहुंची तो पहलवानों को कुश्ती ड्रेस में देखा। ड्रेस ऐसी पसंद आई तो कुश्ती सीखने का इरादा पक्का कर लिया।
किस्सा - 4
जब मां ने कहा- पहलवानों में बुद्धि कम होती है

- मां सुदेश मलिक नहीं चाहती थीं कि बेटी पहलवान बने। उनका मानना था कि पहलवानों में बुद्धि कम होती है। बेटी रेसलर बनी तो पढ़ाई में पिछड़ जाएगी। लेकिन साक्षी ने ऐसा नहीं होने दिया। स्कूल में हर साल एवरेज 70% मार्क्स हासिल किए। इसी के साथ लगातार 12 साल पांच-पांच रेसलिंग की प्रैक्टिस की।
किस्सा - 5
देश के लिए मेडल जीतकर कोई थकता नहीं

- मां सुदेश मलिक ने कहा, ''जीत के बाद साक्षी से बात हुई। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम थक गई हो, तो वो बोली कि देश के लिए मेडल जीतने के बाद कोई थकता नहीं है।''
- कोच कुलदीप सिंह ने कहा, ''इस बच्ची ने मुझे जिंदगी का सबसे बेहतरीन तोहफा दे दिया है। मैं जिंदगीभर उसका कर्जदार रहूंगा।''